8th Pay Commission: अगर आप केंद्र सरकार के कर्मचारी या पेंशनर हैं और 2026 में सैलरी या पेंशन बढ़ने का उम्मीद जता रहे हैं, तो आपको थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है। क्योंकि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने में देरी हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक आयोग का कार्यकाल जनवरी 2026 से शुरू होगा। लेकिन रिवाइज्ड सैलरी और पेंशन 2027 की शुरुआत तक ही लागू हो पाएंगे, तो आइये इसके बारे में विस्तार से जानते है।
क्या है फिटमेंट फैक्टर
फिटमेंट फैक्टर एक मल्टीप्लायर होता है, जिसका इस्तेमाल सरकारी कर्मचारियों के वेतन और पेंशन को संशोधित करने के लिए किया जाता है। इसे मौजूदा बेसिक सैलरी पर लागू किया जाता है और इसके आधार पर नए वेतन की गणना की जाती है।
8वें वेतन आयोग में सैलरी में कितनी होगी बढ़ोतरी
अगर फिटमेंट फैक्टर 1.92 तय होता है तो न्यूनतम वेतन 18 हजार से बढ़कर 34,560 हो जाएगा। वहीं, फिटमेंट फैक्टर 2.57 रहता है तो मिनिमम सैलरी 46,260 हो जाएगी। इसकी तरह अगर 2.86 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो सैलरी 51,480 रुपये पहुंच जाएगी।
कब होगा 8वें वेतन आयोग का गठन
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 8वें वेतन आयोग 8वें वेतन आयोग के लिए सरकार अगले महीने पैनल का गठन कर सकती है। इसके लिए सरकार को पैनल के अध्यक्ष और दो अन्य सदस्यों के नाम की घोषणा करनी है। यह पैनल सरकार को अपनी सिफारिशें देगा। इसकी सिफारिशें साल 2026 या 2027 तक लागू हो सकती हैं।
इन कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा 8वां वेतन आयोग
दरअसल, जो भी कर्मचारी पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (PSUs) या किसी ऑटोनॉमस बॉडी के कर्मचारी होते हैं या फिर हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जज होते हैं, वो पे कमीशन के दायरे से बाहर होते हैं। यानी इन लोगों पर वेतन आयोग लागू नहीं होता है। इनकी सैलरी और भत्तों के लिए नियम अलग होते हैं। यही वजह है कि 8वां वेतन आयोग इन लोगों पर लागू नहीं होगा।