Ram Navami 2025: राम नवमी का उत्सव सनातन धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है, और इस दिन का बेसब्री से इंतजार भगवान राम के अनुयायियों को रहता है। राम नवमी की तिथि पर मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का जन्मदिन मनाया जाता है, जो भगवान विष्णु के सातवें अवतार माने जाते हैं और जिनका जन्म अयोध्या में हुआ था। इस पर्व को श्रीराम के भक्तों द्वारा बड़े उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया जाता है।
इस बार राजस्थान सहित देशभर के मंदिरों में चैत्र नवरात्रि की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। 30 मार्च से नवरात्रि शुरू हो रही है। इस मौके पर अयोध्या में श्री रामलला के मंदिर में भी बड़े ही उत्साह के साथ तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. क्योंकि रामनवमी पर राजस्थान के साथ साथ अलग अलग राज्यों के भक्त अपने रामलला के दर्शन करने के लिए दरबार पहुंचेंगे। यहां हर रोज 3 से 4 लाख भक्त श्री रामलला के दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं, तो आइये इसके बारे में जानते है।

राम नवमी 2025 के धार्मिक महत्व
- विजय और साहस का प्रतीक – श्रीराम ने अधर्म के प्रतीक रावण पर विजय हासिल की थी। यह विजय पताका के रूप में स्थापित की जाती है, जो उनके इस महान कार्य का प्रतीक है।
- शुभता और समृद्धि का प्रतीक – हिंदू धर्म में पताका को शुभता और मंगलकारी ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। यह घर में सुख, शांति और समृद्धि लाने में सहायक होती है।
- हनुमानजी की कृपा का साधन – राम भक्त हनुमानजी को ध्वज अत्यधिक प्रिय है। रामनवमी के अवसर पर हनुमानजी के मंदिरों में पताका चढ़ाने से विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।
- संकटों से सुरक्षा – यह मान्यता है कि घर, मंदिर, या वाहन पर भगवा पताका लगाने से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

3 से 4 लाख श्रद्धालु रोजाना आ रहे है अयोध्या
रामनवमी की तैयारियों को लेकर भाजपा विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने बताया कि प्रभु श्री राम के दिव्य-भव्य मंदिर में विराजमान होने के बाद अयोध्या में भारी संख्या में रोजाना श्रद्धालु उनके दर्सन के लिए पहुंच रहे हैं। चैत्र नवरात्रि में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ आने की संभावना जताई जा रही है। वर्तमान समय में रोजाना 3 से 4 लाख श्रद्धालु भगवान श्री राम के दर्शन कर रहे हैं।
कड़ी निगरानी में होगी अयोध्या नगरी की सुरक्षा
श्रद्धालुओं को दर्शन करने के दौरान किसी प्रकार की कोई समस्या न हो। इसलिए कुछ सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर काम किया जाएगा। साथ ही यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखा जाएगा, ताकि वाहनों से अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को समस्या न हो, हम चाहते हैं कि यहां आने वाले श्रद्धालु अयोध्या से एक अच्छा संदेश लेकर जाएं।