Health Alert: हृदय रोगों के बढ़ते मामले दुनियाभर में चिंता का कारण बने हुए हैं। हार्ट अटैक-हार्ट फेलियर जैसी समस्याओं के चलते हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी हृदय की बीमारियों का प्रमुख कारण है।
ब्लड प्रेशर का अक्सर बढ़ा रहना या धमनियों में प्लाक का निर्माण होने से हृदय स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर होता है, जिसको लेकर सभी लोगों को सावधानी बरतते रहने की सलाह दी जाती है, तो चलिए इसके बारे में विस्तार से जानते है।

हार्ट अटैक से बचाव के लिए इन तरीको को अपनाएं
1. डाइट में करें बदलाव
डाइट का आपकी हेल्थ पर गहरा असर पड़ता है। ऐसे में डॉक्टर व डाइटिशियन आपको डाइट में बदलाव करने की सलाह दे सकते हैं। दूसरी बार हार्ट अटैक से बचने के लिए आपको विटामिन, मिनरल्स और एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर फल और सब्जियों का सेवन ज्यादा से ज्यादा करें। इसके अलावा, साबुत अनाज को डाइट में शामिल करें। फैट युक्त और प्रोसेस्ड फूड का सेवन न करें। इसके साथ ही, नमक ज्यादा खाने से भी हृदय पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।
2. नियमिक रूप से करें एक्सरसाइज
सेहतमंद रहने के लिए आपको कम वजन उठाने वाले या आसानी से की जाने वाली एक्सरसाइज रेगुलर करनी चाहिए। इससे वजन और हाई ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है। इसके लिए आप रोजाना कम से कम 30 मिनट से एक घंटा एक्सरसाइज के लिए निकालें। इसमें आप वॉक करना, साइकिलिंग और स्वीमिंग कर सकते हैं। इसके अलावा, सांसों से जुड़े योग करने से भी आप हृदय से जुड़ी बीमारियों के जोखिम को कम कर सकते हैं।
3. स्ट्रेस और तनाव से दूर रहे
लंबे समय तक स्ट्रेस और तनाव बने रहने से आपको हृदय रोगों का जोखिम अधिक होता है। ऐसे में आपको दूसरी बार हार्ट अटैक आने की संभावना बढ़ जाती है। इससे बचने के लिए आप सुबह के समय योग और मेडिटेशन करें। खुली हवा में योग करने से ब्रेन में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है।
इसके साथ ही, ब्रेन की मांसपेशियों को आराम मिलता है, जिससे स्ट्रेस और तनाव तेजी से कम होने लगता है। स्ट्रेस होने पर आप लोगों के साथ ज्यादा से ज्यादा मिल सकते हैं। लोगों के साथ बाते शेयर करने और मिलने से तनाव कम होने में मदद मिलती है।
4. नियमित रूप से जांच कराएं
पहली बार हार्ट अटैक से गुजरन के बाद व्यक्ति को बेहद सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। ऐसे में आपको नियमित रूप से हृदय की जांच करानी चाहिए। साथ ही, कोलेस्ट्रॉल, वजन और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखना भी जरूरी होता है। जांच में किसी भी तरह की गड़बड़ी होने पर तुरंत इलाज शुरू कराएं।
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